भ्रष्टाचार का गुणा गणित

सरकारी अमलों में भ्रष्टाचार (यहाँ मुख्यतः रिश्वत की बावत प्रयुक्त )के सम्बन्ध में बहुत सी उक्तियाँ ,फब्तियां और सिद्धांत चलन में हैं .चिट्ठाकार स्वयं एक सरकारी मुलाजिम है लिहाजा भुक्तभोगी के साथ कुकर्मकरता भी है (प्राइवेट गमलों (बतर्ज़ अमलों )में भ्रष्टाचार का अध्यन फिर कभी )...आपकी जुगाली के लिए कुछ नियम परिनियम प्रस्तुत हैं -
१ .अगर सही फंसेगा तो ना बचेगा ,अगर गलत फंसेगा तो साफ़ बचेगा. दूसरे शब्दों में- अगर पैसा कमाओगे और कहीं फंसोगे तो बच जाओगे और नहीं कमाया और फंसे तो नहीं बचोगे .
२ भ्रष्टाचार तो भ्रष्टाचार है चाहे वो एक रूपये का हो या सौ का .
३ . स्केल -

. स्केल






बहुतसे ??छोडे गए हैं.ये मेरी अपनी सीमा दर्शा रहे हैं.ज़रा नीचे के दो रिचटर स्केलों पर अपने को माप कर देखिये आपके अन्दर भष्टाचार का कितना भारी कम्पन है!!

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बाज़ार

बाहर मै ... मै अंदर ...